➤ रामपुर से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी बृजलाल कांग्रेस में शामिल
➤ करीब 250 समर्थकों के साथ थामा कांग्रेस का दामन, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
➤ प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार बोले- 8 से 10 हजार भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस में आएंगे
हिमाचल प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने अपने ‘संगठन विस्तार अभियान’ की शुरुआत करते हुए भाजपा को बड़ा झटका देने का दावा किया है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के दो बार के प्रत्याशी रहे बृजलाल ने अपने करीब 250 समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया। शिमला स्थित राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।
बृजलाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वह दो बार रामपुर विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार रह चुके हैं। इसके अलावा वह कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। ऐसे में उनका कांग्रेस में शामिल होना रामपुर और शिमला संसदीय क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने संगठन विस्तार अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए दावा किया कि आने वाले दिनों में 8 हजार से 10 हजार भाजपा कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के लिए फोन आ रहे हैं और पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य हर बूथ पर मजबूत संगठन खड़ा करना है। विक्रमादित्य ने दावा किया कि फिलहाल रामपुर क्षेत्र से कई लोग कांग्रेस में शामिल हुए हैं और आने वाले समय में प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी भाजपा के कई प्रमुख चेहरे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद बृजलाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह बिना किसी शर्त के कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उनका आरोप था कि भाजपा अब कुछ नेताओं तक सीमित होकर रह गई है और पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद की दौड़ को लेकर आंतरिक खींचतान चल रही है।
बृजलाल ने यह भी आरोप लगाया कि रामपुर विधानसभा सीट, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, वहां भाजपा ने स्थानीय नेतृत्व की अनदेखी करते हुए बाहर से उम्मीदवार उतारा। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा और संगठन कमजोर हुआ।
हालांकि, भाजपा की ओर से कांग्रेस के इन दावों और बृजलाल के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकार इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत मान रहे हैं।



